अम्बेडकरनगर। फसल अवशेष जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण की रोकथाम के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कलेक्ट्रेट परिसर से पराली न जलाओ, पर्यावरण बचाओ अभियान के तहत जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता, उपनिदेशक कृषि अश्विनी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनपद के हर गांव तक पहुंचेगा संदेश
जिलाधिकारी ने बताया कि ये जागरूकता वाहन जनपद के विभिन्न क्षेत्रों और गांवों में भ्रमण कर किसानों को पराली जलाने से होने वाले दुष्प्रभावों और पर्यावरणीय क्षति के प्रति जागरूक करेंगे।उन्होंने निर्देश दिए कि वाहनों का संचालन योजनाबद्ध तरीके से किया जाए और जनपद के प्रत्येक ग्राम तक इनकी पहुंच सुनिश्चित की जाए।साथ ही उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में फसल कटाई प्रारंभ हो चुकी है, वहां प्राथमिकता के आधार पर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएं, ताकि किसान समय रहते पराली प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं।
कृषकों से की अपील—पराली न जलाएं, पर्यावरण बचाएं
जिलाधिकारी ने कृषक बंधुओं से अपील करते हुए कहा कि कृषि अवशेष या पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिससे मानव स्वास्थ्य, पशुओं और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।उन्होंने कहा कि पराली जलाने की बजाय किसान मल्चर, हैप्पी सीडर और सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करें।इन तकनीकों से न केवल मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है, बल्कि अगले सीजन की फसल उत्पादन क्षमता भी बढ़ती है।








