अंबेडकरनगर। पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के निर्देशन में अंबेडकरनगर पुलिस ने शनिवार को जिलेभर में ‘नए आपराधिक कानूनों के प्रति जागरूकता अभियान 2.0’ चलाया। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों, विद्यार्थियों और युवाओं को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रमुख बिंदुओं से अवगत कराना था।
अभियान के तहत जिले के सभी थानों की पुलिस टीमों ने बाजारों, बस अड्डों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों से संवाद स्थापित किया। पुलिस कर्मियों ने सरल और व्यवहारिक भाषा में बताया कि नए कानून किस प्रकार नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं और अपराध नियंत्रण की दिशा में अधिक प्रभावी सिद्ध होंगे।
पुलिस टीमों ने जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स के माध्यम से भी सूचना का प्रसार किया। प्रत्येक थाने क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को नए प्रावधानों की बुनियादी जानकारी दी गई। अभियान का फोकस यह था कि जनता नए कानूनों को केवल सुने नहीं, बल्कि उनके उद्देश्य और उपयोग को समझे।
अभियान की विशेषता रही कि पुलिस ने पारंपरिक तरीकों से अलग नुक्कड़ नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कानूनों को समझाने का प्रयास किया। कलाकारों ने दैनिक जीवन से जुड़े उदाहरणों के जरिये बताया कि बीएनएस के तहत किस प्रकार न्याय प्रक्रिया तेज होगी, बीएनएसएस नागरिक सुरक्षा को कैसे सुदृढ़ करता है, और बीएसए में साक्ष्य से संबंधित बदलाव किस तरह पारदर्शिता लाते हैं।
विद्यालयों और महाविद्यालयों में आयोजित वाद-विवाद, निबंध लेखन और पेंटिंग प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। उन्होंने नए कानूनों पर अपने विचार रखे और बताया कि किस तरह विधिक ज्ञान समाज में समानता और जागरूकता को बढ़ाता है।








