
लखनऊ। कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद डॉ. उदित राज ने बसपा सुप्रीमो मायावती पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “मायावती की जुबान पर भले ही अंबेडकर का नाम हो, लेकिन दिल में बीजेपी बसती है।” राज ने आरोप लगाया कि 2022 में मायावती ने यूपी में भाजपा को चुनाव जिताया और अब बिहार में भी वही काम करने पहुंच गई हैं।
रविवार को लखनऊ में दलित-पिछड़ा सम्मेलन में शामिल हुए उदित राज ने कहा कि “जिस पार्टी का एक भी सांसद नहीं है, वह बिहार में चुनाव लड़ने पहुंच गई है। कांशीराम की जयंती पर बसपा ने कभी रैली नहीं की, लेकिन इस बार की और उसमें योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। सवाल सपा से पूछा, जबकि सवाल सत्ता से होना चाहिए।”
दलित अधिकारी की मौत पर मौन क्यों?
उदित राज ने हरियाणा के एडीजी वाई. पूरन कुमार की मौत पर दलित कर्मचारियों और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “हजारों सेवानिवृत्त अधिकारी पेट-पालतु बनकर बैठे हैं। अगर बीजेपी सरकार न होती, तो कोई मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने की सोच भी नहीं सकता था।”
दलितों पर अत्याचार बढ़े, सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता ने कहा कि यूपी में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। हरिओम वाल्मीकि की हत्या और कानपुर देहात की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “एससी आयोग के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे सरकार की मंशा साफ झलकती है।”
‘आउटसोर्स सेवा निगम’ पर उठाए सवाल
राज ने यूपी सरकार के आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन के फैसले को मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण को वैध बनाने की दिशा में है। “तीन साल के लिए 16 से 20 हजार रुपये पर भर्ती करना सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना है,” उन्होंने कहा।
पूर्व सांसद और आयकर अधिकारी रह चुके हैं उदित राज
पूर्व आयकर अधिकारी डॉ. उदित राज 2014 से 2019 तक उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद रह चुके हैं। वे दलित-आदिवासी संगठनों के परिसंघ (DOMA Confederation) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। भाजपा से इस्तीफा देने के बाद वे कांग्रेस में शामिल हुए थे।








