कानपुर। कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे ने शहर के डिप्टी पड़ाव से जरीब चौकी तक की सड़क का निरीक्षण करते हुए पैचवर्क की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए। सड़क पर हुए पैचवर्क में गड़बड़ी देखने के बाद उन्होंने हथौड़ी और छेनी मंगाकर खुद परीक्षण किया।
सड़क पैचवर्क में खामियां
दैनिक भास्कर की टीम की रिपोर्ट के अनुसार, 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क पर 32 पैचवर्क किए गए थे, जिनमें से लगभग 8-10 पैचवर्क उखड़ चुके थे। सड़क पर अभी भी 30 से अधिक छोटे गड्ढे मौजूद हैं।
मेयर ने कहा—“पैचवर्क बिल्कुल गलत है”
मेयर प्रमिला पांडे ने कहा,
“पैचवर्क कम से कम 1 से सवा इंच होना चाहिए, लेकिन ये सेंटीमीटर में भी नहीं है। इसे चप्पल से उखाड़ा तो उखड़ गया। बीच का हिस्सा छेनी-हथौड़ी से निकालकर IIT में जांच के लिए भेजा जाएगा।”
उन्होंने अधिकारियों पर भी नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायत करने पर उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला।
PWD का पक्ष
PWD के एक्सईएन अनूप कुमार मिश्रा ने बताया कि पैचवर्क मजबूत था, इसलिए हथौड़ी और छेनी का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा,
“अगर क्वालिटी खराब होती तो पैचवर्क हाथ से ही उखड़ जाता। सड़क पर डेढ़ किलोमीटर पर छोटे गड्ढे हैं, जहां पैचवर्क कराया जा रहा है।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
भन्नानपुरवा चौराहे पर परचून दुकान चलाने वाले महेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सड़क पर पैचवर्क 2 नवंबर को किया गया था, लेकिन दो दिन बाद ही कुछ हिस्से उखड़ गए।
उन्होंने कहा, “धूल बहुत उड़ रही है और कई गड्ढे खुले पड़े हैं। कई जगह पैचवर्क नहीं हुआ।”








