अंबेडकरनगर। कटहरी ब्लॉक स्थित देव इंद्रावती महाविद्यालय में राष्ट्रीय विधिक दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण व छात्र-छात्राओं को विधिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं और न्याय तक पहुंच के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला जज भारतेंदु प्रकाश गुप्ता, जेंडर विशेषज्ञ गायत्री सिंह, महिला थाना प्रभारी ज्योति वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा पाल ने किया।
सरस्वती वंदना से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ छात्रों द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.बी. सिंह ने अतिथियों का स्वागत बुके भेंट कर किया और अपने संबोधन में विधिक जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि जब तक समाज की आधी आबादी यानी महिलाएं अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग नहीं होंगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा, “जिस दिन नारी को उसका संपूर्ण अधिकार मिल जाएगा, उस दिन भारत विकसित देशों की श्रेणी में शामिल होगा।”
महिलाओं के अधिकार और योजनाओं पर चर्चा
जेंडर विशेषज्ञ गायत्री सिंह ने मिशन शक्ति 5 अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि यह महिलाओं के आत्मनिर्भरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म के बाद सुकन्या सुमंगला योजना के तहत दो बच्चों वाले परिवार को प्रति बेटी 25,000 रुपये का लाभ दिया जाता है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत गरीब परिवारों के दो बच्चों को 4,000 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने उपस्थित छात्राओं से कहा कि सरकार की इन योजनाओं का लाभ पाने के लिए जागरूक रहना जरूरी है।








