
मेयर और नगर आयुक्त के बीच मतभेद गहराए
विकास कार्यों की फाइल लौटी, सदन बुलाने की मांग
14 नवंबर की कार्यकारिणी बैठक पर संकट के बादल
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम में मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। विवाद इतना बढ़ गया कि मेयर ने शहर के विकास कार्यों से जुड़ी फाइलें ही लौटा दीं। 4 और 9 सितंबर को हुई सामान्य सदन की बैठकों में पारित प्रस्तावों पर प्रशासन ने फाइल तैयार कर मेयर के हस्ताक्षर के लिए भेजी थी, लेकिन मेयर ने यह कहते हुए साइन करने से इनकार कर दिया कि प्रस्तावों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हुई थी।
मेयर ने यह भी आरोप लगाया कि फाइल को चपरासी के माध्यम से भेजा गया और बाद में ईमेल से दोबारा भेजने की कोशिश की गई, जो नियमों के विरुद्ध है। इस पर नगर आयुक्त ने जवाब में कहा कि छह महीने के भीतर किसी प्रस्ताव पर दोबारा सदन बुलाना सदन की अवमानना मानी जाएगी। इस जवाब से दोनों के बीच विवाद और गहरा गया है।
अब 14 नवंबर को होने वाली कार्यकारिणी बैठक पर असमंजस की स्थिति बन गई है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पार्षदों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक की संभावना है।
वहीं, मेयर ने पार्षदों को एकजुट करने के प्रयास तेज कर दिए हैं और अपने आवास पर कई बैठकें की हैं। बताया जा रहा है कि कार्यकारिणी की आगामी बैठक में अधिकारियों के खिलाफ पार्षद मोर्चा खोल सकते हैं।









