आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (DBRAU) के रसायन विज्ञान विभाग के प्रोफेसर गौतम जैसवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे में उनके वकील ने अदालत में जमानत याचिका दायर की है। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
वकील सुरेश चंद सोनी ने बताया कि मुकदमे में लगाई गई धाराएं सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के खिलाफ हैं। साथ ही शोध छात्रा पर भी आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि छात्रा ने मारपीट और पीएचडी खराब करने की धमकी का आरोप लगाया, जबकि उनके शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं और प्रोफेसर सिर्फ को-गाइड हैं, इसलिए ऐसा कोई अधिकार नहीं रखते।
मामला तब उजागर हुआ जब 16 दिन पहले शोध छात्रा ने प्रोफेसर पर दो साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए थाना न्यू आगरा में एफआईआर दर्ज कराई। छात्रा ने मोबाइल तोड़ने और शारीरिक शोषण के अन्य आरोप भी लगाए। पुलिस ने प्रोफेसर को वाराणसी से गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
इस बीच प्रोफेसर की पत्नी डॉ. कविता चौधरी ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि छात्रा को पता था कि प्रोफेसर शादीशुदा हैं और दो बेटियों के पिता हैं। खजुराहो और बरसाना जाने की जानकारी भी छात्रा को पहले दी गई थी। पत्नी ने यह भी कहा कि अगर शारीरिक शोषण दो वर्षों से चल रहा होता तो छात्रा इतनी लंबी अवधि तक शिकायत क्यों नहीं की।
वकील ने जमानत याचिका में छात्रा के सोशल मीडिया पोस्ट और चैट भी सबूत के रूप में प्रस्तुत किए। वकील का दावा है कि छात्रा के कई लड़कों के साथ संबंध थे और उन्होंने प्रोफेसर पर लगाए गए आरोपों में कई बातें झूठ बताई हैं।








