दिल्ली ब्लास्ट मामले में तुर्की कनेक्शन का खुलासा

उकासा: अरबी में मकड़ी, असली नाम होने की संभावना कम

जनवरी में डॉ. मुजम्मिल और डॉ. उमर ने लाल किले की रेकी की

तुर्की ने कनेक्शन की खबरों को झूठा बताया

नई दिल्ली: दिल्ली ब्लास्ट की जांच कर रही एजेंसियों को आरोपियों और तुर्की के एक विदेशी हैंडलर के बीच सीधे संपर्क का बड़ा सुराग मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह हैंडलर अंकारा से आरोपियों की गतिविधियों, फंडिंग और कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने का संचालन कर रहा था।

हैंडलर की पहचान:
जांच में इस हैंडलर की पहचान कोडनेम ‘उकासा’ (Ukasa) से हुई है। अरबी भाषा में ‘उकासा’ का अर्थ “मकड़ी” होता है। अधिकारियों का कहना है कि यह असली नाम नहीं बल्कि पहचान छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया कोडनेम हो सकता है।

तुर्की की प्रतिक्रिया:
तुर्की सरकार ने इस संबंध में खबरों को झूठा बताया है। तुर्की ने कहा कि इस तरह की रिपोर्टों का मकसद दोनों देशों के आपसी रिश्तों को नुकसान पहुँचाना है।

जनवरी में रेकी और विदेश यात्रा:
जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली धमाके के संदिग्ध डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. उमर जनवरी में तुर्की भी गए थे। मोबाइल फोन डंप डेटा और पासपोर्ट जांच से पता चला कि उन्होंने लाल किले क्षेत्र की कई बार रेकी की थी। यह साजिश गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की योजना का हिस्सा थी, जिसे कड़ी सुरक्षा के कारण नाकाम कर दिया गया।

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