
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद लखनऊ नगर निगम में पिछले दो महीनों से चल रहा टकराव खत्म हो गया है। मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच बनी सहमति का असर शुक्रवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में साफ दिखाई दिया, जहां 10 से अधिक विकास कार्यों को आम राय से मंजूरी दे दी गई।
बैठक में सोलर पैनल लगाने वालों को हाउस टैक्स और जलकर में 10% छूट, शहर में रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों का सर्वे कर उन्हें हटाने, और पांच मॉडल वेंडिंग जोन बनाने जैसे अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
दो बार बेनतीजा रही कोऑर्डिनेशन बैठक
इससे पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में हुई दो कोऑर्डिनेशन बैठकों में कोई समाधान नहीं निकल पाया था। तीसरी बैठक में CM कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद मेयर और नगर आयुक्त के बीच तालमेल बना।
बैठक के बाद दोनों ने विवाद भुलाकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।
बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय
- रोहिंग्या व बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई
- सोलर पैनल धारकों को 10% हाउस टैक्स व जलकर छूट
- कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए समान वेतन ₹19,800 तय
- पैचवर्क और मरम्मत कार्यों के लिए बजट पास
- शहर में पांच मॉडल वेंडिंग ज़ोन बनाने का निर्णय
18 नवंबर को पुनरीक्षित बजट की बैठक
नगर निगम की अगली कार्यकारिणी बैठक 18 नवंबर को बुलाई गई है, जिसमें पुनरीक्षित बजट और शहर के विकास कार्यों पर चर्चा होगी।
LSA की कार्यशैली पर उठे सवाल
भाजपा पार्षदों ने बैठक में लखनऊ स्वच्छता अभियान (LSA) की कार्यशैली पर नाराज़गी जताई। उनका कहना था कि:
- मुख्य सड़कों की सफाई ठीक से नहीं हो रही।
- एक ही काम के लिए LSA को अन्य एजेंसियों की तुलना में ज्यादा भुगतान दिया जा रहा है।
- तीन महीने तक खराब काम पर सख्त कार्रवाई की शर्त थी, लेकिन केवल जुर्माना लगाया जा रहा है।
नगर आयुक्त ने इस पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।








