जांच, रोकथाम और जागरूकता पर विशेषज्ञों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी

अंबेडकरनगर। सर्वाइकल कैंसर उन्मूलन दिवस के अवसर पर सोमवार को संयुक्त जिला चिकित्सालय में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन, एलएडीसीएस टीम, जिविसे प्रा. के कर्मचारियों तथा पीएलवी सदस्यों ने प्रतिभाग किया। शिविर का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और उपचार के प्रति महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना रहा।

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती: मुख्य चिकित्सा अधीक्षक

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. पी.एन. यादव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर विश्वभर में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है। भारत में भी यह एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन नियमित स्क्रीनिंग और समय से जांच इसके खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को हर तीन वर्ष में पैप स्मीयर टेस्ट कराना चाहिए। धूम्रपान से बचना, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार लेना और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। समय रहते लक्षणों पर ध्यान देकर इस बीमारी से बचाव संभव है।

एचपीवी संक्रमण मुख्य कारण: चिकित्सालय प्रबंधक डा. हर्षित गुप्ता

चिकित्सालय प्रबंधक डा. हर्षित गुप्ता ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं की अनियमित वृद्धि है, जो एचपीवी यानी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संक्रमण से उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा कि एचपीवी से बचाव और नियमित जांच महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा का महत्वपूर्ण कदम है।

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