
रनगर। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी हरेन्द्र कुमार और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्याम देव ने जनपद के सभी थानों में स्थापित साइबर सहायक डेस्क के प्रभारियों तथा साइबर थाना प्रभारी के साथ विस्तृत बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई तथा पीड़ितों की सहायता को और अधिक प्रभावी बनाना रहा। अधिकारीगण ने उपस्थित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल दिया।
थानों के साइबर डेस्क की कार्यप्रणाली की समीक्षा
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षकों ने प्रत्येक थाने के साइबर सहायक डेस्क की वर्तमान स्थिति, प्राप्त शिकायतों की संख्या, लंबित प्रकरणों की प्रगति और पीड़ितों की सहायता में अपनाई जा रही प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की।
थानों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अधिकारियों ने निर्देश दिया कि साइबर ठगी, इंटरनेट के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी, बैंकिंग जालसाजी, पहचान चोरी और मोबाइल एप्लिकेशन आधारित अपराधों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि हर थाने में साइबर डेस्क को सक्रिय रखना अनिवार्य है, ताकि शिकायतकर्ता को तत्काल सहायता प्रदान की जा सके और धन हानि के मामलों में समय पर कार्रवाई हो सके।
पीड़ित सहायता में तेजी लाने पर जोर
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधों में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है, इसलिए शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल पोर्टल पर प्रविष्टि की जाए, बैंक और संबंधित कंपनियों से संपर्क स्थापित कर धन रोकने की प्रक्रिया शुरू की जाए तथा पीड़ित को हर कदम की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। थानों को निर्देश दिया गया कि वे सभी शिकायतों का पंजीकरण सुनिश्चित करें और प्रकरणों का निस्तारण समयबद्ध रूप से करें।








