लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अमीनाबाद की फतेहगंज गल्ली मंडी में बाबा कुएंश्वर के नाम पर बन रहे द्वार के निर्माण पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि पार्षद को फिजूलखर्ची से परहेज करना चाहिए और वॉर्ड विकास निधि का बेहतर उपयोग करना चाहिए।
स्थानीय पार्षद और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय पार्षद गिरीश गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट को गुमराह किया गया। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्रीय जनता ने द्वार के पक्ष में मतदान किया, और केवल एक व्यक्ति ने विरोध किया। नगर निगम के वकील सही ढंग से पक्ष नहीं रख सके। वहीं, बजट से लगभग 7.50 लाख रुपए खर्च किए जा चुके हैं।
व्यापारी ओम शंकर और संदीप मिश्रा ने कहा कि पार्षद का प्रयास गलती पर आधारित है। उन्होंने बताया कि द्वार बनने से रास्ता सिकुड़ जाएगा, ट्रैफिक जाम बढ़ेगा और फायर ब्रिगेड तथा ऐंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही प्रभावित होगी।
न्यायालय का निर्णय और आदेश
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की शिकायत पर कहा कि एक द्वार बनाकर इसे कुएंश्वर बाबा द्वार नाम देने से कोई सार्थक उद्देश्य सिद्ध नहीं होगा। निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार को नियमानुसार भुगतान करने का आदेश दिया गया। कोर्ट ने पार्षदों को नागरिक सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित करने और धार्मिकता के नाम पर सड़क पर अवैध निर्माण न करने की चेतावनी दी।








