अंबेडकर नगर में दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड और गलन तेजी से बढ़ गई है। मौसम में अचानक आई ठिठुरन से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हालात ऐसे हैं कि न केवल लोग बल्कि पशु-पक्षी भी सर्दी से बेहाल नजर आ रहे हैं। ठंड से राहत के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाने की व्यवस्था की गई है, लेकिन यह व्यवस्था कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है।
अलाव में आग नहीं, सिर्फ गीली लकड़ियां
अकबरपुर नगर के प्रमुख चौराहों, टैक्सी स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर जलवाए जा रहे अलावों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। अलाव के नाम पर जिन लकड़ियों की आपूर्ति की जा रही है, वे अधिकांशतः गीली पाई गईं। गीली लकड़ियों के कारण अलाव में आग नहीं पकड़ पा रही है और न ही पर्याप्त धुआं उठ रहा है। ऐसे में गरीब, मजदूर और रात में सफर करने वाले राहगीरों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है।
ज्वलनशील पदार्थ डालकर की जा रही खानापूर्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार नगर पालिका की गाड़ी चिन्हित स्थानों पर लकड़ी गिराकर चली जाती है। कई जगहों पर पालिका कर्मियों द्वारा लकड़ियों पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर कुछ देर के लिए आग जलाई जाती है। इससे कुछ समय के लिए ऊंची लपटें उठती हैं, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग बुझ जाती है। गीली लकड़ी होने के कारण अलाव लंबे समय तक नहीं जल पाता।








