
- हरियाणा मानेसर और मध्य प्रदेश रीवा में रिजॉर्ट में अभ्यर्थियों को तैयार किया गया
- मास्टरमाइंड—रवि अत्री और सुभाष प्रकाश
- 19 नवंबर 2024 को मुख्य आरोपी गिरफ्तार
लखनऊ। लखनऊ में ED ने उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 और UPPSC RO/ARO भर्ती परीक्षा-2023 के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में 17 अभियुक्तों के खिलाफ विशेष न्यायालय में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूली और इस धनराशि को बैंक खातों, संपत्तियों और नकद लेन-देन के जरिए खर्च किया।
प्रमुख खुलासे
- ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के स्पष्ट सबूत मिलने के बाद चार्जशीट दाखिल की।
- इससे पहले आरोपियों की लगभग 1.02 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की गई थीं, जिनमें प्लॉट, अपार्टमेंट, बैंक खाते और वाहन शामिल हैं। ये संपत्तियां पेपर लीक से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं।
रिजॉर्ट में परीक्षा की तैयारी कराई गई
जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को देने के लिए हरियाणा के मानेसर और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित रिजॉर्ट्स में अभ्यर्थियों को ठहराया गया। परीक्षा से पहले उन्हें वहीं पेपर की ‘सेटिंग’ कराई गई, ताकि वे परीक्षा में सफलता हासिल कर सकें।
बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन
परीक्षा अधिसूचना जारी होने के बाद और परीक्षा तिथियों के आसपास आरोपियों के बैंक खातों में भारी रकम जमा की गई। कई खातों में अचानक बड़े क्रेडिट और कैश डिपॉजिट दर्ज किए गए, जिन्हें ED ने मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा।
मास्टरमाइंड—रवि अत्री और सुभाष प्रकाश
ED की जांच में पता चला कि रवि अत्री और सुभाष प्रकाश इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड थे। इन्होंने अपने सहयोगियों की मदद से यूपी पुलिस सिपाही भर्ती और RO/ARO परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक किए और पूरे रैकेट को ऑपरेट किया।
गिरफ्तारी और पूरक चार्जशीट
इस मामले में 19 नवंबर 2024 को मुख्य मास्टरमाइंड गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद लगातार वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच की गई, जिसके आधार पर अब पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है।








