अंबेडकरनगर। विकासखंड अकबरपुर के ड्वाकरा हाल में बुधवार को विधिक साक्षरता और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, उपभोक्ता अधिकार, स्थायी लोक अदालत की सेवाएं, मध्यस्थता की भूमिका और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान से जुड़ी जानकारियां दी गईं। शिविर का उद्देश्य आम लोगों को कानून से जुड़ी प्रक्रियाओं, अधिकारों और उपलब्ध वैकल्पिक समाधान तंत्र के बारे में जागरूक करना रहा।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर 100 दिवसीय कार्ययोजना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिला जज और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव भारतेंदु प्रकाश गुप्ता ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए निरंतर और व्यापक जागरूकता आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नालसा के निर्देशों के अनुरूप जिले में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय कार्ययोजना तैयार की गई है। इस कार्ययोजना के अंतर्गत गांव स्तर तक जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी, ताकि कानून की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
मध्यस्थता अभियान 2.0 की जानकारी
कार्यक्रम में जनवरी माह में चल रहे मध्यस्थता अभियान 2.0 पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि इस अभियान के माध्यम से पारिवारिक विवादों और सुलह योग्य मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाएगा। मध्यस्थता को न्यायिक प्रक्रिया का प्रभावी विकल्प बताते हुए वक्ताओं ने कहा कि इससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है और पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बने रहते हैं।








