अम्बेडकरनगर। तहसील अकबरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत हसनपुर जलालपुर में कृषि योग्य वंजर भूमि के कथित अवैध नामांतरण को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्रीय लेखपाल पर मोटी रकम लेकर भूमि अभिलेखों में हेरफेर करने और नियमों को ताक पर रखकर नामांतरण कराने का आरोप है।
खतौनी भूमि का रकबा वंजर भूमि में दिखाने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत हसनपुर जलालपुर में भूखंड संख्या 532 खतौनी भूमि के रूप में दर्ज है, जबकि भूखंड संख्या 531 वंजर भूमि की श्रेणी में आती है। आरोप है कि लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य की मिलीभगत से भूखंड संख्या 532 का रकबा वंजर भूमि 531 में नामांतरण कराने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए ग्राम पंचायत में जो प्रस्ताव पारित किया गया है, उसमें नामांतरण के कारणों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
प्रस्ताव की वैधता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में पारित प्रस्ताव तथ्यों से परे है और इसमें नियमानुसार आवश्यक विवरण अंकित नहीं है। आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया को पूर्व नियोजित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि वंजर भूमि को कृषि योग्य दर्शाकर उसका लाभ उठाया जा सके।
फाइल दबाने के नाम पर धन लेने का आरोप
इस प्रकरण में वादी सुबराती ने आरोप लगाया है कि लेखपाल ने फाइल को दबाने और कार्रवाई रोकने के नाम पर उससे 3000 रुपये लिए। इसके साथ ही यह भी आरोप है कि नामांतरण किसी भी स्थिति में कराने की धमकी दी गई और यह कहा गया कि चाहे कहीं भी शिकायत की जाए, उसका कोई असर नहीं होगा।








