
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण के पहले एपिसोड में देशभर से आए विद्यार्थियों से संवाद किया। दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने बच्चों को असम का गमछा पहनाकर स्वागत किया और उनके सवालों के जवाब दिए।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने छात्रों को विदेशी चीजों के बजाय स्वदेशी अपनाने की सलाह दी और 25 साल में विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखने को कहा।
विकसित भारत को बनाएं सपना: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब आज के छात्र 39-40 साल के होंगे। इसलिए अभी से विकसित भारत को अपना सपना बनाना चाहिए। उन्होंने भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके बलिदान से ही आजादी मिली है।
आत्मविश्वास से दूर होगा डर
एक छात्र के प्रेजेंटेशन के डर से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आम लोग भी सच्चाई के साथ अपनी बात रखते हैं, इसलिए बिना झिझक बोल पाते हैं। छात्रों को भी अपने काम पर भरोसा रखना चाहिए।
देश की कहानियों पर बनाओ गेम
गोवा के छात्र श्रीजीत गाडगिल के सवाल पर पीएम ने कहा कि भारत की कहानियों पर आधारित गेम बनाएं। पंचतंत्र और अभिमन्यु जैसी कथाओं पर गेम तैयार कर वेबसाइट पर लॉन्च करें। इससे आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे।
‘मार्क्स-मार्क्स की बीमारी’ से बचने की सलाह
प्रधानमंत्री ने छात्रों को सिर्फ अंकों के पीछे न भागने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि टॉप करने की उपलब्धि कुछ समय की होती है, लेकिन पढ़ाई से जीवन में क्या बदलाव आया, यह ज्यादा जरूरी है।









