कानपुर। लेम्बोर्गिनी कार से छह लोगों को कुचलने के सनसनीखेज मामले में मंगलवार को नया ट्विस्ट सामने आया है। आरोपी बताए जा रहे शिवम मिश्रा के पिता और कारोबारी केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे और दावा किया कि हादसे के वक्त लेम्बोर्गिनी कार उनका बेटा नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन चला रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय शिवम कार में सो रहा था।
केके मिश्रा ने पुलिस को बताया कि हादसे के बाद कार लॉक हो गई थी, जिससे शिवम की तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि बेटे की हालत सुधरने पर वे खुद उसे लेकर थाने पहुंचेंगे। मीडिया से बातचीत में जब उनसे पुलिस कमिश्नर के उस बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें शिवम को कार चालक बताया गया है, तो उन्होंने इसे गलत करार देते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं।
वहीं, कारोबारी के वकील ने दावा किया कि शिवम बेहोशी की हालत में है और उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि यह हादसा रविवार दोपहर हुआ था। उसी रात पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे।







