मेडिकल कॉलेज सदरपुर में शव वाहन सेवा पर सवाल

मेडिकल कॉलेज में शव वाहन को लेकर विवाद

सरकारी हेल्पलाइन पर कॉल के बाद पहुंची प्राइवेट एंबुलेंस

40–50 किमी दूरी के लिए 1500 रुपये की मांग

अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर के राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सदरपुर में शव को घर पहुंचाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला तब उजागर हुआ जब एक मरीज की मृत्यु के बाद परिजनों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा का सहारा लिया, लेकिन अस्पताल परिसर में प्राइवेट एंबुलेंस पहुंच गई और किराया मांगा गया।

परिजनों के अनुसार उन्होंने आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर शव को कटेहरी स्थित गांव पहुंचाने की मांग की थी। कॉल रिसीव करने वाले कर्मी ने एंबुलेंस भेजने का आश्वासन दिया था।

15 मिनट में पहुंची प्राइवेट एंबुलेंस, मांगे 1500 रुपये

जानकारी के मुताबिक, कॉल के करीब 15-20 मिनट बाद अस्पताल परिसर में एक प्राइवेट एंबुलेंस पहुंची। उसके कर्मी ने शव ले जाने के लिए दूरी के आधार पर 1500 रुपये की मांग की। जब परिजनों ने सरकारी सेवा के बारे में सवाल उठाया तो उन्हें बताया गया कि सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और यह प्राइवेट सेवा है।

बताया गया कि गांव की दूरी करीब 40 से 50 किलोमीटर है, जिसके आधार पर किराया तय किया गया। परिजन इस स्थिति से हैरान रहे, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट रूप से सरकारी एंबुलेंस सेवा की मांग की थी।

दूरी के हिसाब से वसूली का आरोप

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह कोई एकल घटना नहीं है। आरोप है कि हेल्पलाइन पर कॉल रिसीव होने के बाद सूचना प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों तक पहुंचाई जाती है। दूरी के आधार पर 20-30 किलोमीटर के लिए 800 से 1000 रुपये और 50 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी के लिए 1500 रुपये या उससे अधिक वसूले जाने की बात सामने आ रही है।

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