
लखनऊ। लखनऊ के निशातगंज स्थित SCERT कार्यालय परिसर के बाहर बुधवार को जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि पहले करीब 1900 पदों पर भर्ती निकाली गई, जिसे बाद में घटाकर 1200 और अब केवल 600 पदों तक सीमित किया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्होंने परीक्षा पास कर ली, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी पूरा हो चुका है और नवंबर 2025 में स्कूल लिस्ट के साथ उन्हें शॉर्टलिस्ट भी किया गया था, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। उनका कहना है कि इस देरी और अनिश्चितता के कारण मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, 1 जनवरी 2021 को 1894 पदों पर भर्ती निकली थी, जिसे बाद में संशोधित कर 1262 पद कर दिया गया। 17 अक्टूबर 2021 को परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें करीब 3 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। 6 सितंबर 2022 को परिणाम घोषित हुआ और इसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई। हालांकि, बाद में हाईकोर्ट के आदेश के चलते भर्ती प्रक्रिया पर रोक लग गई।
रायबरेली से आए अभ्यर्थी जितेंद्र पाल ने कहा कि वे पिछले 5 वर्षों से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती में शामिल कुछ स्कूलों को लेकर विवाद पहले से सरकार के संज्ञान में था, इसके बावजूद उन्हें प्रक्रिया में शामिल किया गया। अब उसकी सजा अभ्यर्थियों को भुगतनी पड़ रही है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 1262 पदों में से अब करीब 628 अभ्यर्थियों को बाहर किया जा रहा है और केवल 634 पदों पर नियुक्ति की बात हो रही है। उन्होंने इसे अन्याय बताते हुए जल्द समाधान की मांग की है।








