
लखनऊ: लखनऊ में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन, कमर्शियल सिलेंडरों पर कड़ी शर्तें और 25 दिन की बुकिंग व्यवस्था ने गैस वितरण प्रणाली पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है।
5 मार्च के बाद लागू हुए नियमों के चलते होटल, ढाबे और छोटे कारोबारियों की निर्भरता घरेलू सिलेंडरों पर बढ़ गई है, जिससे मांग में अचानक उछाल आया है। वहीं, उपभोक्ताओं ने भी समय से पहले बुकिंग शुरू कर दी है, जिससे सप्लाई सिस्टम प्रभावित हुआ है।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, पहले जहां रोजाना 33 से 35 हजार सिलेंडर की डिलीवरी होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 44 से 45 हजार तक पहुंच गई है। इसके बावजूद गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह बढ़ोतरी सामान्य नहीं, बल्कि असामान्य परिस्थितियों में बढ़ी बुकिंग का परिणाम है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेशभर में अब तक 177 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।








