
अम्बेडकरनगर। Tanda तहसील क्षेत्र के गोवर्धनपुर स्थित Maa Siddheshwari Temple में रविवार को Swami Avimukteshwaranand Saraswati का आगमन हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर परिसर में एकत्रित हुए और शंकराचार्य का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने शंकराचार्य के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
अपने संबोधन में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म के मूलभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में मर्यादा, त्याग और अनुशासन का पालन करना चाहिए। उन्होंने सादगी, संयम और उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने पर विशेष बल दिया और कहा कि धर्म के मार्ग पर चलने वालों का आचरण ही समाज को सही दिशा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक जीवन जीने वाले व्यक्तियों की जिम्मेदारी होती है कि वे अपने व्यवहार में पारदर्शिता बनाए रखें और समाज के लिए आदर्श प्रस्तुत करें।
शंकराचार्य ने अपने प्रवचन में आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल व्यक्ति को मानसिक शांति और संतोष प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं। उनका यह दौरा क्षेत्र में धार्मिक चेतना को और अधिक सशक्त करने वाला साबित हुआ।








