
नई दिल्ली। भारत में बढ़ते गैस संकट के बीच सरकारी तेल और गैस कंपनियां अब नए सप्लाई स्रोत तलाशने में जुट गई हैं। इसी कड़ी में भारत की प्रमुख कंपनियां अफ्रीकी देश अंगोला से रसोई गैस (LPG) और प्राकृतिक गैस (LNG) खरीदने पर विचार कर रही हैं।
किन कंपनियों ने शुरू की बातचीत?
सूत्रों के मुताबिक,
- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड
- गेल (इंडिया) लिमिटेड
अंगोला की सरकारी कंपनी सोनानगोल के साथ गैस सप्लाई को लेकर बातचीत कर रही हैं।
लंबी अवधि के समझौते की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये कंपनियां सोनानगोल के साथ लॉन्ग टर्म (टर्म कॉन्ट्रैक्ट) करने पर विचार कर रही हैं। हालांकि, अभी बातचीत शुरुआती चरण में है और सरकार स्तर पर भी चर्चा जारी है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से बढ़ा संकट
गैस संकट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है।
यह जलमार्ग दुनिया में तेल-गैस की सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके बंद होने से भारत समेत कई देशों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
भारत पर कितना असर?
- भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG उपभोक्ता है
- कुल जरूरत का करीब 60% LPG इंपोर्ट करता है
- लगभग 50% LNG भी आयात होती है
अब तक भारत को ज्यादातर गैस कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे मिडिल ईस्ट देशों से मिलती रही है।
लेकिन मौजूदा हालात में करीब 90% LPG आयात प्रभावित हुआ है, जिससे संकट और गहरा गया है।
सिलेंडर बुकिंग के नियम सख्त
गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके तहत:
- शहरों में 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक किया जा सकेगा
- गांवों में 45 दिन का अंतराल तय किया गया है
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द वैकल्पिक सप्लाई शुरू नहीं हुई, तो गैस संकट और गहरा सकता है। ऐसे में अंगोला जैसे नए देशों से समझौता भारत के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।







