
अम्बेडकरनगर में ‘सुपोषित उत्तर प्रदेश’ थीम के तहत सोमवार को आंगनबाड़ी सेवाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित हुआ। राज्य स्तरीय आयोजन लोक भवन सभागार में हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने नवचयनित कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इसी क्रम में जनपद स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडे ने 200 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
20 नए आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान जिले में 20 नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही बाल विकास परियोजना कार्यालय भीटी का उद्घाटन हुआ। जलालपुर और भीटी में नए परियोजना कार्यालयों के निर्माण के लिए शिलान्यास भी किया गया।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं तक बेहतर पोषण सेवाएं पहुंचाना है। नए भवनों के निर्माण से सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
पोषण और महिला सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम में कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा में उनकी भूमिका अहम है।
बताया गया कि ‘सुपोषित उत्तर प्रदेश’ अभियान का लक्ष्य कुपोषण को कम करना और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाना है। साथ ही महिलाओं को जागरूक कर परिवार स्तर पर पोषण संबंधी सुधार लाना भी इस पहल का हिस्सा है।
अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्स्ना बंधु, जिला विकास अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। बाल विकास परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।








