
अम्बेडकरनगर – जनपद में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत हुई टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सचिवों ने नियमों की अनदेखी कर ऑफलाइन टेंडर प्रक्रिया कराई, जिससे राजस्व को भारी नुकसान हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, कई टेंडरों में एक ही फार्म पर दो या तीन परियोजनाओं का ऑफलाइन टेंडर कराया गया। जबकि 10 लाख रुपये से अधिक की परियोजनाओं के लिए ऑनलाइन टेंडर अनिवार्य है। इस अनियमित प्रक्रिया से शासनादेश और निर्धारित नियमों की धज्जियां उड़ गईं।
ग्राम सचिवों का कहना है कि समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर यह ऑफलाइन टेंडर कराया गया। हालांकि इस कदम से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान हुआ बल्कि पारदर्शिता भी प्रभावित हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की मिलीभगत से सरकारी योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और नियमों का पालन कराना आवश्यक है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो योजना के कार्यान्वयन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच की संभावना जताई जा रही है। ग्राम पंचायत सचिवों की भूमिका और टेंडर प्रक्रिया के आदेशों के पालन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।









