
अम्बेडकरनगर। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हुए सीजफायर पर जिले में भी प्रतिक्रिया सामने आई है। अंजुमन अकबरिया एवं हुसैनी सोशल फ्रंट के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता रेहान ज़ैदी ने इसे इंसानियत, धैर्य और हिम्मत की जीत बताया।
उन्होंने कहा कि सीजफायर केवल संघर्ष विराम नहीं, बल्कि लंबे समय से जारी हिंसा के बीच राहत का महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान जान गंवाने वाले लोगों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता।
ईरान की रणनीति और धैर्य की सराहना
रेहान ज़ैदी ने कहा कि ईरान ने कठिन परिस्थितियों में संयम और रणनीतिक समझदारी के साथ स्थिति का सामना किया। उनके अनुसार, यह सीजफायर इस बात का संकेत है कि दबाव के बावजूद ईरान ने अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखा। उन्होंने इसे नैतिक और कूटनीतिक दृष्टि से अहम माना।
अंतरराष्ट्रीय नीतियों पर जताई चिंता
उन्होंने अमेरिका और इजरायल की नीतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों पर हमले और दबाव की राजनीति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं वैश्विक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और इनकी निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है।
शांति के लिए संवाद पर जोर
रेहान ज़ैदी ने कहा कि युद्ध किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता। इसके सबसे अधिक दुष्प्रभाव आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ते हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे आपसी मतभेदों को बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से सुलझाएं।उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग, संतुलन और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना जरूरी है।









