सम्मनपुर हत्या मामले में चार को आजीवन कारावास, दो आरोपी बरी

2014 की वारदात में कोर्ट का फैसला, साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा

अंबेडकरनगर के सम्मनपुर थाना क्षेत्र में 2014 में हुई युवती की हत्या के मामले में अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) राम विलास सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।

इस मामले में मृतका की मां और एक अन्य आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया है।

खेत में मिला था शव

मामला मोहिउद्दीनपुर जगन्नाथपुर गांव का है। 20 अप्रैल 2014 को अलगू राम चौहान ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी 19 वर्षीय बेटी प्रतिमा घर से लापता है। सुबह खोजबीन के दौरान उसका शव पास के खेत में मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी।

शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। बाद में विवेचना के आधार पर कुछ लोगों को आरोपी बनाया गया था।

सुनवाई में सामने आए नए तथ्य

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने रामबल चौहान, विक्रम चौहान, उमाशंकर और राजकुमार चौहान को वास्तविक आरोपी बताया। गवाहों ने बयान दिया कि इन्हीं लोगों ने युवती को घर से उठाकर हत्या की थी।

दूसरी ओर, मृतका की मां शारदा देवी और रामइंदर को लेकर पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले।

अदालत ने पाया कि जांच में लापरवाही हुई थी और कुछ लोगों को गलत तरीके से फंसाया गया। साक्ष्यों के अभाव में मां शारदा देवी और रामइंदर को बरी कर दिया गया।

वहीं चारों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। प्रत्येक पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button