
नोएडा : चश्मा कंपनी लेंसकार्ट का ड्रेस कोड विवाद अब और गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक कथित पुराने स्टाइल गाइड के वायरल होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ, जिसमें हिजाब की अनुमति का जिक्र था, लेकिन बिंदी, तिलक और कलावा जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीकों का उल्लेख नहीं था। इसके बाद कई जगहों पर विरोध देखने को मिला।
Noida के सेक्टर-110 में हाल ही में कुछ संगठनों से जुड़े लोग लेंसकार्ट के शोरूम में पहुंचे और विरोध जताते हुए कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि धार्मिक पहचान से जुड़े प्रतीकों को लेकर भेदभाव किया गया, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे।
दरअसल, एक महीने पहले कंपनी की ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। विरोध बढ़ने के बाद कंपनी ने सफाई देते हुए नई गाइडलाइन जारी की और कहा कि वह सभी धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों का सम्मान करती है। कंपनी ने अपने बयान में बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, कड़ा, मंगलसूत्र, हिजाब और पगड़ी जैसे प्रतीकों को अनुमति देने की बात कही और पहले की किसी भी गलतफहमी के लिए खेद जताया।
नई गाइडलाइन के अनुसार, कर्मचारियों को कंपनी की टी-शर्ट, डार्क जींस और बंद जूते पहनने होंगे, जबकि व्यक्तिगत धार्मिक प्रतीकों की अनुमति दी गई है, बशर्ते वे प्रोफेशनल माहौल में बाधा न बनें। इसके बावजूद विवाद थमता नहीं दिख रहा है। मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। यह मामला अब धार्मिक स्वतंत्रता, कॉर्पोरेट नीतियों और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर बहस का विषय बन गया है।









