
- अपर सत्र न्यायालय का बड़ा फैसला
- तीनों दोषियों को 10 साल कठोर कारावास
- ₹4-4 हजार का अर्थदंड भी लगाया गया
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश रामविलास सिंह की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पति, सास और ननद को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर चार-चार हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
2016 में हुआ था विवाह
मामले के अनुसार, अकबरपुर क्षेत्र के बरवा नासिरपुर निवासी दिलीप कुमार ने अपनी बहन ममता की शादी 4 मई 2016 को बनगांव डिहवा निवासी सूरज उर्फ विपेंद्र के साथ की थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष दहेज को लेकर उत्पीड़न करता था।
घटना से पहले फोन पर दी थी जानकारी
बताया गया कि 26 अप्रैल 2021 की सुबह ममता ने फोन कर अपने साथ मारपीट की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। वहां सूचना मिली कि उसे जलाकर गंभीर रूप से घायल किया गया है।
इलाज के दौरान हुई मौत
ममता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना में ससुर बाबूराम भी झुलस गए थे और उन्हें भी उपचार के लिए भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट
पुलिस ने तहरीर के आधार पर पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। जांच के बाद चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
ससुर को मिला संदेह का लाभ
विचारण के दौरान कोर्ट ने पाया कि ससुर बाबूराम के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। मृतका के बयान में विरोधाभास होने के कारण उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। उन्होंने अपने बचाव में कहा था कि वह बहू को बचाने के प्रयास में झुलस गए थे।









