
अंबेडकरनगर के कृषि भवन सभागार में शुक्रवार को ‘धरती माता बचाओ अभियान’ और ‘फार्मर रजिस्ट्री’ को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक अश्वनी कुमार सिंह ने प्राकृतिक खेती और मृदा स्वास्थ्य पर विस्तार से जानकारी दी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक ने कहा कि मिट्टी की उर्वरकता बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग पर चिंता जताई और जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि संतुलित खाद उपयोग और प्राकृतिक खेती अपनाने से मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए कृषि भूमि सुरक्षित रह सकेगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को मिलेगा लाभ
बैठक में जिला कृषि अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी ने फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया और उसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा।
इसके तहत योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, सब्सिडी और लाभ पात्र किसानों तक पहुंचेंगे, तथा बैंक ऋण और फसल बीमा की प्रक्रिया आसान होगी। हर किसान का एक यूनिक डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे कागजी प्रक्रिया कम होगी।
तेजी से पूरा होगा रजिस्ट्रेशन कार्य
बैठक में उपस्थित उर्वरक विक्रेताओं और प्रगतिशील किसानों ने भी अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेजी से पूरा किया जाए ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।अंत में किसानों के प्रशिक्षण और जागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। बैठक का समापन इन्हीं निर्देशों के साथ हुआ।









