अप्रैल में ही मई-जून जैसी तपिश, क्यों बढ़ा पारा और कैसे बने हालात?

  • Kanpur में अप्रैल में ही 18 साल का तापमान रिकॉर्ड टूटा
  • CSA वेदर स्टेशन पर 41.7°C, एयरफोर्स स्टेशन पर 43°C दर्ज
  • 2008 के बाद पहली बार इतना अधिक तापमान

कानपुर। कानपुर में इस बार अप्रैल का महीना ही भीषण गर्मी का अहसास करा रहा है। लगातार बढ़ते तापमान ने बीते 18 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार को Chandra Shekhar Azad University of Agriculture and Technology (सीएसए) के वेदर स्टेशन पर अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री अधिक है।

इससे पहले वर्ष 2008 में अप्रैल महीने में तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, Indian Air Force के स्टेशन पर पारा 43.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक लू चलने की संभावना जताई है।

सुबह से ही तेज धूप लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सुबह 7 बजे के बाद ही सूरज की तपिश महसूस होने लगती है और दिन चढ़ने के साथ हालात और गंभीर हो जाते हैं। दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं और लू के थपेड़े लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि दिन में बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं लग रहा—मानो आसमान से आग बरस रही हो।

तेज धूप से बचने के लिए लोग टोपी, गमछा और धूप का चश्मा खरीद रहे हैं। बाजारों में गर्मी से राहत देने वाले सामान की मांग बढ़ गई है।

रात के समय भी राहत नहीं मिल रही है। न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रातें भी गर्म महसूस हो रही हैं। लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पर असर डालना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में तापमान के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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