गाज़ीपुर : उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में 16 वर्षीय निशा विश्वकर्मा की मौत का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार योगी आदित्यनाथ पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
गाजीपुर घटना: गंगा किनारे मिला शव
करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में 14-15 अप्रैल की रात किशोरी का शव गंगा नदी किनारे मिला था। परिवार का आरोप है कि पहले उसका अपहरण किया गया, फिर सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे आत्महत्या या डूबने का मामला बताया, लेकिन बाद में हत्या का केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
FIR में देरी और धमकियों का आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि केस दर्ज करने में देरी की गई और उन्हें लगातार धमकियां भी मिलीं। इस बीच पुलिस ने हरिओम पांडे नामक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले की जांच जारी है।
पथराव की घटना से बढ़ा तनाव
घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। जब समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा, तो वहां पथराव की घटना हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
विपक्ष का हमला, सरकार पर सवाल
कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, यह मामला अब कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।









