
अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य विभाग में अनियमितताओं को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार शैवाल और डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। दोनों अधिकारियों पर निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण व नवीनीकरण में गंभीर लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जांच में दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सख्त रुख अपनाया। आरोप है कि पंजीकरण से जुड़ी फाइलों को नियमों की अनदेखी कर स्वीकृत किया गया। साथ ही व्यक्तिगत स्वार्थ में सरकारी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की बात भी सामने आई है।
शिकायतों के बाद बनी जांच समिति
सूत्रों के मुताबिक निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के संचालन को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कई संस्थानों को निर्धारित मानकों की अनदेखी कर अनुमति दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एडीएम समेत तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
समिति ने पंजीकरण और नवीनीकरण से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान कई मामलों में प्रक्रिया संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। रिपोर्ट में शासनादेशों के पालन में लापरवाही और अधिकारियों द्वारा अधिकारों के दुरुपयोग की पुष्टि बताई गई है।
निजी अस्पतालों से साठगांठ के आरोप
जांच में कुछ निजी अस्पतालों और अल्ट्रासाउंड केंद्रों को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि नियमों को पूरा किए बिना फाइलों को आगे बढ़ाया गया। कई मामलों में निरीक्षण प्रक्रिया और दस्तावेजों की जांच को लेकर भी आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग अब जिले में संचालित निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड केंद्रों के पंजीकरण रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा की तैयारी में है। विभागीय सूत्रों के अनुसार आगे और कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।









