
- गन लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की होगी जांच
- यूपी सरकार को 26 मई तक रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश
- गृह विभाग के अधिकारियों को कोर्ट की फटकार
- नियमों की अनदेखी को लेकर दाखिल हुई थी याचिका
प्रयागराज। Allahabad High Court ने उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक बाहुबलियों की क्राइम कुंडली राज्य सरकार से तलब की है। अदालत ने बाहुबलियों को जारी गन लाइसेंस और उन्हें मिली सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने जिन प्रमुख नामों का उल्लेख किया है, उनमें Raghuraj Pratap Singh, Brij Bhushan Sharan Singh और Dhananjay Singh शामिल हैं।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने गृह विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए 26 मई तक विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि गृह विभाग के ज्वाइंट सेक्रेटरी हलफनामे के साथ संबंधित जिलों के पुलिस अधिकारियों और कमिश्नरेट के कमिश्नरों की लिखित जिम्मेदारी (अंडरटेकिंग) भी प्रस्तुत करेंगे।
दरअसल, Sant Kabir Nagar निवासी जयशंकर उर्फ बैरिस्टर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गन लाइसेंस जारी करने में नियमों की अनदेखी की जा रही है।
इस याचिका पर 18 मई को जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने सुनवाई की थी। कोर्ट का आदेश 20 मई को हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया।









