
- सुप्रीम कोर्ट ने मॉनिटरिंग कमेटी बनाई
- रेलवे से भी मांगा गया जवाब
- CPCB करेगा अनुपालन की निगरानी
सुप्रीम कोर्ट ने ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के पालन को लेकर राज्यों की रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अवैध तरीके से कचरा ढोने और डंपिंग करने वाले वाहनों, उनके मालिकों और ऑपरेटरों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि हर जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर ठोस कचरा प्रबंधन के लिए अलग से एक पेज बनाया जाए। इस पेज पर कलेक्टरों को कचरा प्रबंधन की वर्तमान स्थिति, किए जा रहे सुधार कार्य और पुराने कचरे की तस्वीरें अपलोड करनी होंगी। साथ ही नियमित रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।
कोर्ट ने साफ कहा कि वर्षों से जमा पुराने कचरे के निपटारे की समयसीमा अब और नहीं बढ़ाई जाएगी।
यह सुनवाई डॉ. सुभाष चंद्र पांडेय की याचिका पर हुई। मामले की सुनवाई जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एसवीएन की बेंच ने की।
सुप्रीम कोर्ट ने कचरा प्रबंधन नियमों की निगरानी के लिए एक विशेष मॉनिटरिंग कमेटी भी गठित की है। इस कमेटी में केंद्र सरकार के पांच मंत्रालयों के सचिव शामिल होंगे, जबकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सदस्य सचिव को संयोजक बनाया गया है। यह कमेटी देशभर में नियमों के पालन की निगरानी करेगी और समय-समय पर अनुपालन की समीक्षा भी करेगी।









