अंबेडकरनगर। नगर पंचायत इल्तिफातगंज की ₹83.86 लाख की ई-निविदा का मामला अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। कथित गलत अनुभव प्रमाण-पत्र के आधार पर निविदा प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने के बाद संबंधित ठेकेदार को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। अब शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से एफआईआर दर्ज कराने, संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई और धरोहर राशि जब्त करने की मांग की है। वहीं, ब्लैकलिस्टिंग के बावजूद दूसरी निविदाओं में कथित हिस्सेदारी की चर्चाओं ने भी टेंडर व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच में सामने आईं निविदा प्रक्रिया की अनियमितताएं
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) से कराई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार तीन फरवरी 2026 को जारी ₹83.86 लाख की ई-निविदा में पात्रता के लिए कम से कम ₹28 लाख के समान कार्य का अनुभव अनिवार्य था। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार ने नगर पंचायत जहांगीरगंज से जारी अनुभव प्रमाण-पत्र में ₹16.01 लाख के कार्य को ₹30.32 लाख दर्शाकर पात्रता प्राप्त करने का प्रयास किया।
टेंडर निरस्त, एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट
जांच में निविदा प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण मानते हुए टेंडर निरस्त कर दिया गया। इसके बाद वरिष्ठ कोषाधिकारी की रिपोर्ट और जिलाधिकारी के निर्देश के आधार पर नगर पंचायत इल्तिफातगंज ने 15 जुलाई 2026 से संबंधित ठेकेदार को एक वर्ष के लिए सभी निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया।
अब मुख्यमंत्री से एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की मांग
मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि यदि गलत अनुभव प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल हुआ है तो यह केवल निविदा नियमों के उल्लंघन का मामला नहीं, बल्कि सरकारी अभिलेखों से जुड़ा गंभीर विषय भी है। शिकायतकर्ता ने संबंधित ठेकेदार और अनुभव प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने, विभागीय कार्रवाई, निलंबन, ब्लैकलिस्टिंग तथा धरोहर राशि जब्त करने की मांग की है।









