
- एमबीबीएस विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक से दिया संदेश
- बच्चों में बधिरता की जल्द पहचान पर जोर
- समय पर जांच और उपचार के महत्व की जानकारी
- कॉक्लियर इम्प्लांट की उपयोगिता बताई
अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग की ओर से शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय बधिर सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एमबीबीएस बैच 2022 के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए बच्चों में बधिरता की शीघ्र पहचान, समय पर जांच और उपचार के बारे में लोगों को जानकारी दी। इस दौरान कॉक्लियर इम्प्लांट की उपयोगिता भी बताई गई।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने सरल तरीके से समझाया कि बच्चों में सुनने से जुड़ी समस्या के संकेत मिलने पर समय पर जांच कराना जरूरी है। उचित समय पर पहचान और चिकित्सकीय हस्तक्षेप से उपचार की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। कॉक्लियर इम्प्लांट की भूमिका के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई।
समय पर जांच और हस्तक्षेप पर जोर
कार्यक्रम के दौरान ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. सुशील कुमार शर्मा ने बच्चों में बधिरता की शीघ्र पहचान और समय पर हस्तक्षेप के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभिभावकों को बच्चों में सुनने से संबंधित किसी भी समस्या के संकेत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कार्यक्रम का उद्देश्य ‘बधिरता की शीघ्र पहचान—समय पर हस्तक्षेप’ का संदेश आमजन तक पहुंचाना रहा। अभिभावकों से बच्चों में सुनने से संबंधित समस्या के संकेत मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा गया।
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