अंबेडकरनगर। जिले के 32 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित ट्रेनर्स जूडो, ताइक्वांडो और कराटे के गुर सिखा रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना है।
मार्शल आर्ट के साथ सिखाए जा रहे जीवन कौशल
जिला विद्यालय निरीक्षक कौस्तुभ सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में शारीरिक मजबूती के साथ मानसिक मजबूती पर भी जोर दिया जा रहा है। छात्राओं को अनुशासन, सतर्कता और आपात स्थिति में तुरंत निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पेन और कंघी से लेकर बैग तक का इस्तेमाल
प्रशिक्षण में छात्राओं को बताया जा रहा है कि आपात स्थिति में आसपास मौजूद सामान्य वस्तुओं का इस्तेमाल आत्मरक्षा के लिए कैसे किया जा सकता है। इसमें पेन, पेंसिल, हेयर पिन, कंघी, नेल कटर, कड़ा और अंगूठी जैसी वस्तुएं शामिल हैं।
इसके अलावा बेल्ट, दुपट्टा, पर्स, बैग, पानी की बोतल, मोबाइल फोन और ज्योमेट्री बॉक्स जैसी चीजों के इस्तेमाल के तरीके भी बताए जा रहे हैं। प्रशिक्षण का जोर ऐसी परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीकों पर है।
संकट में किस नंबर पर करें फोन, यह भी सीख रहीं छात्राएं
बालिकाओं को महिला हेल्पलाइन 1090, पुलिस हेल्पलाइन 112, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर अपराध सहायता हेल्पलाइन 1930 की जानकारी दी जा रही है। महिला थाना और स्थानीय थानों के संपर्क नंबर भी बताए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को यह भी समझाया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर सहायता के लिए संबंधित हेल्पलाइन या पुलिस से किस तरह संपर्क किया जाए।









