वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के लालगंज में गुरुवार सुबह निर्माणाधीन पुल का बीम लॉन्चर अचानक गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मलबे और लोहे के बीच कई कर्मचारी फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे में घायल 6 कर्मचारियों का लालगंज रेफरल अस्पताल में इलाज किया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 2 लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।
यह हादसा लालगंज थाना क्षेत्र के एतवारपुर गांव स्थित सती स्थान के पास हुआ। यहां भारतमाला परियोजना के तहत NH-139W फोरलेन सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। बताया गया है कि करीब 6 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का निर्माण एकलव्य कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है।
तेज आवाज के बाद मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 10 से 10:15 बजे के बीच अचानक तेज आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचने पर निर्माणाधीन पुल का बीम लॉन्चर गिरा हुआ था और वहां मजदूर फंसे हुए थे।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग राहत और बचाव में जुट गए। बताया गया कि कुछ मजदूर लोहे के ढांचे के बीच फंस गए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए काफी प्रयास करना पड़ा।
दो घंटे की मशक्कत के बाद मजदूर को निकाला
हादसे के बाद एक मजदूर को निकालने में करीब दो घंटे लग गए। लोहे के हिस्से को काटकर उसे बाहर निकाला गया। इस दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के शुरुआती समय में पुलिस और प्रशासन की टीम के मौके पर पहुंचने में देरी हुई। बाद में सूचना मिलने पर लालगंज पुलिस और प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
घायलों को रेफरल अस्पताल भेजा गया
राहत और बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए लालगंज रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में 6 कर्मचारियों का इलाज किया गया। इनमें से 2 की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें बेहतर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद निर्माण स्थल पर काम कर रहे कर्मचारियों और आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया।
निर्माण स्थल की सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद निर्माण कार्य में अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के बाद निर्माण कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर मौके से चले गए, जबकि मजदूरों को निकालने के लिए स्थानीय लोग और प्रशासन जुटे रहे।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि बीम लॉन्चर किस वजह से गिरा और निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही हुई थी या नहीं।









