अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को अंबेडकरनगर में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर मुस्लिम वोटों की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के मुस्लिम राजनीतिक हिस्सेदारी से जुड़े बयानों का समर्थन किया। राजभर ने कहा कि सपा और कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन तो चाहती हैं, लेकिन उन्हें राजनीतिक हिस्सेदारी देने के सवाल पर पीछे हट जाती हैं।
राजभर ने उत्तर प्रदेश की मुस्लिम आबादी और विधानसभा चुनाव में उसके प्रभाव का हवाला देते हुए कहा कि कई सीटों पर मुस्लिम मतदाता चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि सपा कई ऐसी सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों के बजाय यादव प्रत्याशियों को प्राथमिकता देती है।
‘वोट के साथ हिस्सेदारी की भी बात हो’
राजभर ने सपा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में यादवों को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिलता है, जबकि मुस्लिम मतदाताओं को अपेक्षित हिस्सेदारी नहीं मिलती। उन्होंने सपा और कांग्रेस को मुस्लिम मतदाताओं के मुद्दे पर एक-दूसरे के समान बताया और आरोप लगाया कि दोनों दल लंबे समय से इस वर्ग के वोट का इस्तेमाल करते रहे हैं।
ओवैसी के मुस्लिम राजनीतिक प्रतिनिधित्व संबंधी बयान का समर्थन करते हुए राजभर ने कहा कि यदि किसी वर्ग से समर्थन मांगा जाता है तो उसे राजनीतिक हिस्सेदारी का सवाल उठाने का भी अधिकार है।
150 सीटों की कांग्रेस की मांग पर भी सवाल
कांग्रेस की ओर से विधानसभा चुनाव में 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी और अखिलेश यादव के ‘जिताऊ प्रत्याशी’ वाले बयान पर भी राजभर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि जिताऊ प्रत्याशी तय करने का आधार क्या है।









