‘ब्रेकिंग बैड’ के एक्टर आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन

वॉल्टर व्हाइट जूनियर के किरदार से मिली थी पहचान, सेरेब्रल पाल्सी के बावजूद अभिनय में बनाई अलग पहचान; दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों के लिए भी उठाई आवाज

अमेरिकी टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में वॉल्टर व्हाइट के बेटे वॉल्टर जूनियर का किरदार निभाने वाले अभिनेता आरजे मिट्टे का 34 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके प्रतिनिधि ने निधन की पुष्टि की है। अमेरिकी मनोरंजन वेबसाइट TMZ के मुताबिक, अभिनेता की मौत 12 अक्टूबर को टेक्सास में हुई। TMZ ने आत्महत्या की बात कही है, हालांकि अमेरिकी मीडिया में पुलिस जांच जारी होने और मौत के कारण को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें भी सामने आई हैं। <Cite refs={[“turn893931search0″,”turn893931search4″,”turn893931search10”]}/>

आरजे मिट्टे ‘ब्रेकिंग बैड’ के अलावा ‘द ओक रूम’, ‘ट्रायम्फ’, ‘द गार्डियंस ऑफ जस्टिस’ और ‘द अनसीन’ जैसी फिल्मों और सीरीज में भी नजर आए। वर्ष 2019 में रिलीज हुई फिल्म ‘स्टैंडिंग अप फॉर सनी’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। अभिनय के साथ-साथ वह मनोरंजन जगत में दिव्यांग कलाकारों को अधिक अवसर देने और उनकी बेहतर भागीदारी के लिए भी काम करते रहे।

‘ब्रेकिंग बैड’ से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

आरजे मिट्टे को लोकप्रिय टीवी सीरीज ‘ब्रेकिंग बैड’ में वॉल्टर व्हाइट जूनियर यानी वॉल्ट जूनियर के किरदार से पहचान मिली। इस सीरीज में उन्होंने अभिनेता ब्रायन क्रैंस्टन के बेटे की भूमिका निभाई थी। यह किरदार सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित था और मिट्टे को भी वास्तविक जीवन में यह स्थिति थी। इस वजह से उनके अभिनय को दिव्यांग लोगों के प्रतिनिधित्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया।

मिट्टे ने सीरीज के पांचों सीजन में काम किया और कुल 56 एपिसोड में नजर आए। उनके अभिनय ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के बीच पहचान दिलाई। दिव्यांग कलाकारों के अधिकारों और मनोरंजन जगत में समावेश को लेकर भी उन्होंने अपनी आवाज बुलंद की।

बचपन से सेरेब्रल पाल्सी से जूझे

आरजे मिट्टे का पूरा नाम रॉय फ्रैंक मिट्टे तृतीय था। उनका जन्म 21 अगस्त 1992 को अमेरिका के मिसिसिपी राज्य के जैक्सन शहर में हुआ था। बचपन में उन्हें सेरेब्रल पाल्सी होने का पता चला। यह ऐसी स्थिति है, जो शरीर की गतिविधियों, मांसपेशियों के नियंत्रण और चलने-फिरने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।

बचपन में उनके पैरों को सीधा करने के लिए कई महीनों तक प्लास्टर लगाया गया था। वह पैरों को सहारा देने वाले उपकरणों और बैसाखियों की मदद से चलते थे। बाद में खेल और व्यायाम के जरिए उनकी शारीरिक क्षमता में सुधार हुआ और किशोरावस्था तक उन्हें इन सहायक उपकरणों की जरूरत कम हो गई।

परिवार की जिम्मेदारी भी संभाली

मिट्टे के शुरुआती जीवन में कई मुश्किलें आईं। उपलब्ध जीवनी संबंधी विवरणों के मुताबिक, जब वह किशोरावस्था में थे, तब उनकी मां लकवाग्रस्त हो गईं। इसके बाद उन्होंने परिवार की मदद के लिए कम उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया।

वर्ष 2006 में वह अपनी छोटी बहन के अभिनय करियर और इलाज से जुड़ी जरूरतों के सिलसिले में लॉस एंजिल्स चले गए। वहां उन्होंने नए लोगों से मिलने और अभिनय सीखने के लिए क्लास जॉइन की। शुरुआत में उन्होंने ‘हन्ना मोंटाना’ जैसे कार्यक्रमों में छोटे और बैकग्राउंड किरदार निभाए। इसी दौरान उन्हें ‘ब्रेकिंग बैड’ में वॉल्टर जूनियर की भूमिका मिली।

दिव्यांग कलाकारों के प्रतिनिधित्व के लिए किया काम

आरजे मिट्टे अपने अभिनय के साथ दिव्यांग लोगों के अधिकारों और प्रतिनिधित्व के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने अनुभवों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि दिव्यांग कलाकार भी मनोरंजन जगत में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा सकते हैं। उनके निधन से अभिनय जगत और दिव्यांग अधिकारों के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के बीच शोक की लहर है।

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