जलालपुर (अंबेडकरनगर)। गांवों के विकास की योजना बनाने और ग्राम सभा की बैठकों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए मालीपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जन शिक्षण केंद्र के ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत 13 और 14 अक्टूबर को बीआरसी कार्यालय में 12 ग्राम पंचायतों की 60 महिला लीडरों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में पंचायती राज व्यवस्था, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) और ग्राम सभा की खुली बैठक की प्रक्रिया समझाई गई।
पंचायत व्यवस्था और योजना निर्माण की जानकारी
कार्यक्रम समन्वयक हेमलता ने ग्राम सभा को लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि खुली बैठक में ग्रामीण अपनी समस्याएं और विकास से जुड़ी प्राथमिकताएं रख सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को 73वें संविधान संशोधन, पंचायती राज व्यवस्था और वार्ड सदस्यों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जीपीडीपी तैयार करने के पांच चरणों को समझाया गया।
रोल-प्ले से समझाई ग्राम सभा की प्रक्रिया
प्रशिक्षण में रोल-प्ले और नाटक के माध्यम से ग्राम सभा की बैठक की प्रक्रिया बताई गई। इसमें महिलाओं की भागीदारी और पंचायत विकास की योजना तैयार करने में उनकी भूमिका पर जोर दिया गया।
जन शिक्षण केंद्र के सचिव ने कहा कि गांव के विकास और पंचायतों को जवाबदेह बनाने में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने महिला लीडरों से अपने गांवों में अन्य महिलाओं को संगठित करने और ग्राम सभा की बैठकों में उनकी भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
गांव के विकास में नेतृत्व की भूमिका निभाने का संकल्प
प्रशिक्षण के समापन पर महिला लीडरों ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और गांव के विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जन शिक्षण केंद्र के कार्यकर्ताओं और नारी संघ की महिला लीडरों ने भागीदारी की।









