नई दिल्ली। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च को अनुमति नहीं देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन को लेकर दिल्ली के करीब 20 लाख व्यापारियों में चिंता है। गोयल ने दावा किया कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के कारण कारोबार को लगभग 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च का आह्वान
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर लोगों से 16 अक्टूबर को शाम पांच बजे तिरंगा लेकर कनॉट प्लेस पहुंचने की अपील की है। संगठन की ओर से गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की जाएगी। प्रस्तावित मार्च को लेकर व्यापारिक संगठनों ने अपनी चिंता जाहिर की है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। संगठन की ओर से पहले भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किए गए हैं।
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के बाद बदली जगह
सरकार ने 12 अक्टूबर को जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया था। इसके बाद CJP ने कनॉट प्लेस में मार्च आयोजित करने का आह्वान किया। इसी प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर CTI ने गृह मंत्री से हस्तक्षेप करने और मार्च की अनुमति नहीं देने की मांग की है।
व्यापारिक संगठन का कहना है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान बाजारों और कारोबार पर पड़ने वाले प्रभाव को ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से 2,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा CTI चेयरमैन का दावा है।









