लखनऊ। समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों के खिलाफ हजरतगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का आरोप है कि 14 अक्टूबर 2026 को विधानसभा के पास अटल चौक स्थित गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन के दौरान 70 से 80 लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इससे यातायात बाधित हुआ और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने का भी आरोप लगाया है।
स्टेथोस्कोप और मुंह पर टेप लगाकर किया प्रदर्शन
समान वेतन और मानदेय में विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टर गले में स्टेथोस्कोप और मुंह पर टेप लगाकर पहुंचे। कुछ डॉक्टर सड़क पर लेट गए और पुलिस के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें रखीं।
डॉक्टरों ने 1090 चौराहे से चेन बनाकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। सड़क पर बैठे डॉक्टरों को समझाने के लिए एसीपी भी जमीन पर बैठ गए और हाथ जोड़कर धरना खत्म करने की अपील की।
पुलिस शिकायत में क्या कहा गया?
सचिवालय चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक बागेश कुमार की शिकायत के मुताबिक, 14 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे 70 से 80 अज्ञात लोग गांधी प्रतिमा के सामने फुटपाथ पर जमा हुए थे। इनमें कुछ लोग डॉक्टरों की पोशाक में थे और उनके हाथों में तख्तियां व बैनर थे। वे मानदेय की विसंगतियां दूर करने और समान वेतन का आश्वासन देने की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन का आरोप
पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को बताया गया कि गांधी प्रतिमा के आसपास का क्षेत्र विधानसभा और लोक भवन के निकट है, जहां धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। आरोप है कि समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर बैठ गए और जाम लगा दिया। इससे यातायात प्रभावित हुआ। इसी शिकायत के आधार पर हजरतगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
समान वेतन की मांग पर आंदोलन
बॉन्डेड MBBS डॉक्टर लंबे समय से समान वेतन और मानदेय संबंधी विसंगतियां दूर करने की मांग उठा रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की, जबकि पुलिस ने सड़क जाम और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की है।









