लखनऊ। प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर सोमवार को BTC, D.El.Ed और TET अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। अभ्यर्थी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पहुंचे और प्रदेश के सरकारी स्कूलों में खाली पड़े शिक्षक पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने की मांग की।
अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से प्राथमिक शिक्षक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। इसके चलते पात्र अभ्यर्थी नौकरी के अवसर का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि एक तरफ बड़ी संख्या में युवा भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली हैं।
शहरी क्षेत्र में 12,075, ग्रामीण इलाकों में 48,883 पद खाली
अभ्यर्थियों के मुताबिक प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में शिक्षकों के 12,075 पद और ग्रामीण क्षेत्रों में 48,883 पद रिक्त हैं। इस तरह प्रदेशभर में कुल 60,958 शिक्षक पद खाली बताए गए हैं।
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर सरकारी स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं होने से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में परेशानी होती है।
‘भर्ती शुरू होने से युवाओं को रोजगार और स्कूलों को शिक्षक मिलेंगे’
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती शुरू होने से दोहरा लाभ होगा। एक ओर पात्र युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी भी दूर होगी।
उन्होंने सरकार से मांग की कि रिक्त पदों का आकलन कर जल्द से जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए और विज्ञापन जारी किया जाए।
‘8 साल से प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार’
वाराणसी से आए अभ्यर्थी शिवांशु पांडे ने कहा कि वह डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से नौकरी की गुहार लगाने पहुंचे हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई वर्षों से बेसिक शिक्षा विभाग में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है और पात्र अभ्यर्थी भर्ती विज्ञापन का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि योग्य होने के बावजूद लंबे समय से नौकरी का अवसर नहीं मिलना अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। उनके मुताबिक प्रदेश में करीब 20 लाख युवा प्राथमिक शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।









