भारतीय सेना को मिलेंगे 770 करोड़ के स्वदेशी रडार

रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ किया करार; फाइटर जेट से लेकर छोटे ड्रोन तक का पता लगाने और उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम होंगे रडार

नई दिल्ली। भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ करीब 770 करोड़ रुपये का करार किया है। बुधवार को हुए इस समझौते के तहत इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार (LLLR-I) खरीदे जाएंगे। इन रडार की मदद से हवाई क्षेत्र में दुश्मन के विमानों और छोटे ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

फाइटर जेट और छोटे ड्रोन का पता लगा सकेंगे रडार

इम्प्रूव्ड लो लेवल लाइट वेट रडार हवाई लक्ष्यों का पता लगाने और उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने में सक्षम होंगे। ये रडार फाइटर जेट के साथ बेहद छोटे ड्रोन की पहचान करने में भी मदद करेंगे।

इनकी सहायता से हवाई क्षेत्र में मौजूद संभावित खतरों का आकलन किया जा सकेगा। साथ ही, किस हवाई लक्ष्य पर पहले ध्यान देना जरूरी है, यह तय करने में भी सेना को मदद मिलेगी। इससे दुश्मन के ड्रोन से निपटने और हवाई निगरानी की क्षमता बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

स्वदेशी रक्षा निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, BEL से रडार खरीदने का यह करार देश में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण को प्रोत्साहित करेगा। इससे घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए भी अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यह पहल आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के लक्ष्यों के अनुरूप है। स्वदेशी रक्षा उपकरणों की खरीद से देश में रक्षा उत्पादन की क्षमता विकसित करने और घरेलू उद्योग की भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

हवाई सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर

आधुनिक हवाई खतरों में छोटे ड्रोन की भूमिका बढ़ने के बीच उनकी समय पर पहचान और निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में नए रडार सेना को हवाई लक्ष्यों का पता लगाने और संभावित खतरों पर नजर रखने की क्षमता प्रदान करेंगे।

करीब 770 करोड़ रुपये का यह करार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और उपकरणों के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button