- IT, ऑटो और बैंकिंग शेयरों में गिरावट से बाजार में दबाव
- एशियाई बाजारों में कमजोरी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी कारण
- अमेरिकी टैरिफ और आर्थिक अनिश्चितता से बाजार में अस्थिरता
मुंबई | भारतीय शेयर बाजार में 3 अप्रैल को गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 300 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी 100 अंक गिरकर 23,250 पर पहुंच गया। खासतौर पर आईटी, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट का असर
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जापान का निक्केई इंडेक्स 2.95% लुढ़का।
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चीन के शंघाई कम्पोजिट में 0.50% की गिरावट।
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हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.77% गिरा।
हालांकि, 2 अप्रैल को अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी रही। डाओ जोंस 0.56% बढ़कर 42,225 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक में 0.87% और S&P 500 में 0.67% की बढ़त दर्ज की गई।
शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
1️⃣ अमेरिका का नया टैरिफ नियम: अमेरिका ने भारत पर 26% इम्पोर्ट टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इससे भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा है।
2️⃣ विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 2 अप्रैल को 1,538 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जिससे बाजार में मंदी आई।
3️⃣ वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता: अमेरिकी GDP में 2025 की पहली तिमाही में 2.8% की गिरावट का अनुमान है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है।
बीते दिन बाजार में रही थी बढ़त
2 अप्रैल को शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखी गई थी।
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सेंसेक्स 592 अंक चढ़कर 76,617 पर बंद हुआ।
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निफ्टी 166 अंक की बढ़त के साथ 23,332 के स्तर पर रहा।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक आर्थिक घटनाओं से प्रभावित हो रहा है। यदि विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रही और अमेरिका-भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ा, तो बाजार में और दबाव देखने को मिल सकता है।








