सेंसेक्स 3200 अंक लुढ़का, निवेशकों के 20 लाख करोड़ स्वाहा

  • वैश्विक टकराव और मांग में गिरावट ने बाजार को दी तगड़ी चोट, निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट
  • ट्रेड वॉर के साए में डूबा बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी ने गंवाए हजारों अंक
  • टैरिफ झटकों और स्लोडाउन की आशंका से हिला शेयर बाजार, सेक्टोरल इंडेक्स में जबरदस्त गिरावट

    नई दिल्ली। 
    भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 7 अप्रैल को भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 3200 अंक फिसलकर 72,150 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो इस साल की दूसरी सबसे बड़ी गिरावट है। वहीं, निफ्टी में भी लगभग 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,000 के नीचे आ गया है। इससे पहले 4 जून 2024 को बाजार में 5.74% की बड़ी गिरावट आई थी। आज की गिरावट में सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक्स लाल निशान में हैं। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और इंफोसिस जैसे दिग्गज शेयरों में 10% तक की गिरावट आई है। टेक महिंद्रा, HCL टेक और एलएंडटी जैसे प्रमुख कंपनियों में भी करीब 8% की गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल इंडेक्स भी दबाव में

NSE के मेटल इंडेक्स में सबसे बड़ी 8% की गिरावट दर्ज की गई। IT, तेल-गैस और हेल्थकेयर सेक्टर्स में भी करीब 7% की गिरावट है, जबकि ऑटो, रियल एस्टेट और मीडिया इंडेक्स 5% से ज्यादा टूटे हैं।

क्रूड ऑयल की कीमतें चार साल के निचले स्तर पर

बीते कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखी गई है। 2 अप्रैल से अब तक ब्रेंट क्रूड 12% से ज्यादा टूट चुका है और फिलहाल 64 डॉलर प्रति बैरल से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो पिछले चार वर्षों का न्यूनतम स्तर है।

गिरावट की प्रमुख वजहें

अमेरिका की टैरिफ नीति में बदलाव:
अमेरिका ने भारत पर 26% आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। चीन, जापान, यूरोपीय यूनियन और वियतनाम जैसे देशों पर भी भारी टैरिफ लगाए गए हैं।

 चीन की जवाबी कार्रवाई:
चीन ने अमेरिका के खिलाफ 34% का जवाबी टैरिफ घोषित किया है, जो 10 अप्रैल से लागू होगा। इससे वैश्विक व्यापार में तनाव और बढ़ गया है।

मंदी की आशंका:
तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार समीकरणों के बीच आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती आने की संभावना जताई जा रही है। महंगे आयात और घटती मांग से बाजार में नकारात्मक भावनाएं हावी हो गई हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी चोट

BSE मिडकैप इंडेक्स 1850 अंकों की गिरावट के साथ 38,630 पर आ गया, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 2860 अंक गिरकर 42,999 के करीब पहुंच गया, यानी करीब 6.20% की गिरावट।

निवेशकों को भारी नुकसान

आज की गिरावट से निवेशकों की कुल संपत्ति में 20 लाख करोड़ रुपए की कमी आई है। 4 अप्रैल को जहां BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 404 लाख करोड़ था, वहीं अब यह 383 लाख करोड़ पर आ गया है।

वैश्विक बाजारों का हाल

हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 10% गिरा है, जबकि चीन का शंघाई इंडेक्स 6.5% नीचे है। जापान और कोरिया के बाजार भी 4% से ज्यादा गिरे हैं। अमेरिकी बाजारों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है — नैस्डेक लगभग 6%, S&P 500 करीब 4.84% और डाउ जोन्स 3.98% गिरा।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट जिम क्रैमर ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी बाजार में 1987 जैसी ‘ब्लैक मंडे’ की स्थिति बन सकती है, जहां इंडेक्स एक ही दिन में 22% तक गिर सकता है।

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