
अंबेडकरनगर में खेलों का नया अध्याय: राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन
अंबेडकरनगर में होंगे राष्ट्रीय हैंडबॉल मुकाबले, जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में
अंबेडकरनगर का गौरव बढ़ाएगी राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता, तैयारियाँ जोरों पर
अम्बेडकरनगर।अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश का अंबेडकरनगर जिला जल्द ही देश की सबसे बड़ी हैंडबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी करने जा रहा है। 20 से 24 अप्रैल 2025 तक आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 30 राज्यों और संस्थानों की टीमें हिस्सा लेंगी, जो अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
जिलाधिकारी की पहल पर मिली मेजबानी
हैंडबॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HAI) ने इस प्रतियोगिता के लिए अंबेडकरनगर को मेजबान घोषित किया है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह को आयोजन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। HAI के महासचिव तेजराज सिंह ने औपचारिक पत्र जारी कर इसकी पुष्टि की। बताया जाता है कि कई राज्यों ने इस आयोजन की मेजबानी के लिए आवेदन किया था, लेकिन डीएम अविनाश सिंह के प्रयासों और खेलों के प्रति समर्पण के कारण अंबेडकरनगर को यह मौका मिला।
स्थानीय खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम अवसर
यूपी हैंडबॉल संघ के महासचिव डॉ. आनंदेश्वर पांडेय ने बताया कि यह आयोजन जिले के लिए गर्व का क्षण है। इससे न केवल अंबेडकरनगर का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को भी बड़े मंच पर प्रदर्शन का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
जोरों पर हैं तैयारियाँ
प्रशासन और स्थानीय प्रशिक्षक इस आयोजन को सफल बनाने में जुट गए हैं। खेल मैदानों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुकूल बनाया जा रहा है। साथ ही, प्रतियोगिता का लोगो और आदर्श वाक्य (मोट्टो) भी जल्द ही जारी किया जाएगा, जिसे डीएम अविनाश सिंह की देखरेख में तैयार किया जा रहा है।
इन राज्यों की टीमें लेंगी हिस्सा
इस चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा, तेलंगाना, मणिपुर, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश सहित कई अन्य राज्यों और संस्थानों की टीमें शामिल होंगी।
यूपी हैंडबॉल संघ के प्रतिनिधि अमित पांडेय ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतरीन मंच प्रदान करने के लिए हर स्तर पर प्रबंधन पर ध्यान दिया जा रहा है। उम्मीद है कि यह आयोजन जिले के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।








