
बसखारी की वृद्ध विधवा ने सौतेले बेटों पर लगाया 22 लाख की एफडीआर हड़पने का आरोप
फर्जी आधार कार्ड और नाम परिवर्तन के जरिए की गई पहचान की कूटरचना
पुलिस और प्रशासन से लगाई कई बार गुहार, कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण में पहुंची पीड़िता
अम्बेडकरनगर। बसखारी थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 58 वर्षीय विधवा महिला रिजवाना ने अपने ही सौतेले बेटों पर 22 लाख रुपये की एफडीआर और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। ग्राम घूरनेपुर अमोला बुजुर्ग निवासी रिजवाना ने न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर कहा है कि उसके मृतक पति इस्माइल शेख द्वारा कराई गई एफडीआर को फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेजों की मदद से हथियाने की कोशिश की गई है।
रिजवाना के अनुसार, उसके पति द्वारा बसखारी स्थित एक बैंक में क्रमशः 12 लाख और 10 लाख रुपये की दो एफडीआर कराई गई थीं, जिनमें वह स्वयं नामिनी के रूप में दर्ज थीं। लेकिन पति की मृत्यु (14 मार्च 2023) के बाद जब उन्होंने उत्तराधिकार प्रमाण पत्र हेतु प्रक्रिया शुरू की, तो पता चला कि उनके नाम से जुड़ा आधार कार्ड ‘रिजवाना पत्नी रियाज अहमद, आजमगढ़’ के नाम पर परिवर्तित कर दिया गया है।
पीड़िता ने अपने सौतेले बेटों मुश्ताक और इश्तियाक पर संगठित षड्यंत्र के तहत न केवल बैंक में धोखाधड़ी करने, बल्कि भूमि संपत्ति को भी राजस्व विभाग की मिलीभगत से दूसरे नाम ट्रांसफर कराने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है।
रिजवाना ने इस संबंध में थाना बसखारी व पुलिस अधीक्षक से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि उन्होंने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत जो याचिका दायर की थी, वह भी अनुपस्थिति के कारण खारिज कर दी गई।
अब पीड़िता ने पुनः बीएनएस की धारा 173(4) के तहत न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।








